जिला चिकित्सालय बड़वानी की बाल गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) में बिच्छू के डंक से गंभीर हुई 11 माह की बालिका हर्षिता पिता राहुल, निवासी बगुद, बड़वानी का सफल उपचार किया गया। समय पर अस्पताल पहुंचने एवं पीआईसीयू में तत्काल उपचार मिलने से बालिका पूरी तरह स्वस्थ होकर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना 15 सितंबर की है, हर्षिता आंगन में खेल रही थी।

खेलते समय उसने अनजाने में आंगन में मौजूद एक लालभुरे बिच्छू को हाथ से पकड़ लिया, जिससे बिच्छू ने उसके हाथ में डंक मार दिया। घटना के बाद परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए बिना समय गंवाए बच्ची को तत्काल जिला चिकित्सालय बड़वानी पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने के समय बच्ची की हालत अत्यंत गंभीर थी। उसका शरीर ठंडा पड़ गया था और सांसें काफी तेज चल रही थीं।

गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल पीआईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट एवं आवश्यक उपचार शुरु किया गया। पीआईसीयू टीम ने तत्काल शुरू किया जीवनरक्षक उपचार पीआईसीयू में सर्वप्रथम शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमीचंद चौहान ने बालिका को भर्ती कर तत्काल उपचार प्रारंभ किया। इसके बाद डॉ. पुष्पेन्द्र सतपुड़ा, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पीआईसीयू नोडल अधिकारी द्वारा उपचार को आगे बढ़ाया गया।

बच्ची की लगातार निगरानी करते हुए उसकी स्थिति के अनुसार ऑक्सीजन, आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां एवं अन्य सहायक उपचार प्रदान किया गया। समय पर मिले उपचार से हर्षिता की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उसकी सांसें सामान्य हुई, शरीर की स्थिति स्थिर हुई और बच्ची पुनः सामान्य गतिविधियां करने लगी। लगातार चिकित्सकीय निगरानी एवं उपचार के बाद 18 सितंबर 2026 को पूर्णतः स्वस्थ होने पर हर्षिता को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

बारिश के मौसम में बच्चों की विशेष निगरानी रखें- डॉ. पुष्पेन्द्र सतपुड़ा शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पीआईसीयू नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र सतपुड़ा ने बताया कि छोटे बच्चे जिज्ञासावश आसपास दिखाई देने वाली वस्तुओं या जीवों को हाथ से पकड़ने का प्रयास कर सकते हैं। बरसात के मौसम में बिच्छू, सांप एवं अन्य जहरीले जीव घरों तथा आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे सकते हैं।

इसलिए छोटे बच्चों को खेलते समय अभिभावकों की निगरानी में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिच्छू के डंक के बाद बच्चे में अत्यधिक रोना, पसीना आना, उल्टी, शरीर ठंडा पड़ना, सांस तेज चलना, बेचौनी अथवा अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।

बिच्छू या सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचे - सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना जिला चिकित्सालय बड़वानी के सिविल सर्जन एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि बरसात के मौसम में बिच्छू, सांप एवं अन्य जहरीले जीवों के काटने की घटनाएं हो सकती हैं। इनके कारण बच्चों के साथ-साथ वयस्कों में भी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है और जीवन को खतरा हो सकता है।

उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि बिच्छू या सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाएं और मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल लेकर जाएं। डॉ. मनोज खन्ना ने बताया कि जिला चिकित्सालय बड़वानी में ऐसे गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां, एंटी स्नेक वेनम (एएसवी), ऑक्सीजन, आवश्यक चिकित्सा उपकरण तथा उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

हर्षिता के सफल उपचार में पीआईसीयू के चिकित्सकों एवं नर्सिंग ऑफिसर्स की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।