रीवा में उद्यम लगाने की सोच रहे लोगों के लिए सबसे ठोस जानकारी बुधवार को कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में हुए संभाग स्तरीय निवेशक सम्मेलन से निकली। जिला महाप्रबंधक उद्योग जेपी तिवारी ने बताया कि औद्योगिक केंद्र घूमा में केवल 20 से 22 रुपए वर्गफिट की दर से भूखंड दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि औद्योगिक विकास केंद्रों में भूखंडों का आवंटन अब ऑनलाइन किया जा रहा है, यानी आवेदन घर बैठे किया जा सकता है।

सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिले में उद्यम लगाने के इच्छुक उद्योगपतियों को पूरी सुविधा दी जा रही है। उनके अनुसार औद्योगिक विकास केंद्रों में नाम मात्र की राशि पर हर साइज के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें बिजली, पानी और सड़क की सुविधा भी है। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगपतियों को किसी तरह की कठिनाई हो तो उसे दूर करने के लिए वे हमेशा उपलब्ध हैं।

बैंकों से कहा – तकनीकी कमी पर प्रस्ताव खारिज न करें

सम्मेलन का एक बड़ा हिस्सा बैंकिंग की भूमिका पर रहा। कलेक्टर ने बैंकर्स से कहा कि औद्योगिक निवेश के प्रस्तावों का निराकरण सकारात्मक दृष्टिकोण से करें और छोटी-मोटी तकनीकी कमियों के आधार पर उद्यम लगाने के प्रस्तावों को अमान्य न करें। उन्होंने तर्क दिया कि जिले में औद्योगिक विकास होगा तो बैंकिंग व्यवसाय भी बढ़ेगा।

कलेक्टर ने जोड़ा कि जिले के आर्थिक विकास के लिए औद्योगिक विकास आवश्यक है और नए स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके मुताबिक उद्योगपति अपना उद्यम चलाने के साथ-साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी देते हैं, इसलिए निवेश करने वालों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

विन्ध्य में क्या-क्या तैयार है

क्षेत्रीय संचालक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी ने कहा कि रीवा संभाग में औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि विन्ध्य में खनिज पदार्थों और पानी का पर्याप्त भंडार है और सिंगरौली में 15 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रीवा में रेलवे लाइन, एयरपोर्ट और फोरलेन सड़कों को उन्होंने उद्योगों के लिए रास्ता खोलने वाला बताया।

जमीन के मोर्चे पर उन्होंने जो बताया, वह अभी प्रक्रिया में है – संभाग के सभी जिलों में एक-एक हजार एकड़ जमीन औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए चिन्हित की जा रही है। यह चिन्हांकन का चरण है, आवंटन का नहीं। जो पहले से विकसित है, उसकी स्थिति अलग है: उनके अनुसार औद्योगिक क्षेत्र घूमा-कटरा के लगभग सभी प्लॉट उद्योगपति ले चुके हैं।

कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और उसी मंशा के अनुरूप रीवा जिले में भी कोशिशें जारी हैं। यूके तिवारी ने बताया कि इन्वेस्टर्स मीट के बाद बड़ी संख्या में उद्यमी विन्ध्य में निवेश कर रहे हैं।

सम्मेलन में और क्या हुआ

बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास नीति 2025, स्टार्टअप नीति 2025 तथा भूमि आवंटन नियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। पर्यटन उद्योग के विकास पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन में संभाग के प्रमुख उद्यमी और औद्योगिक विकास से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

जो पाठक रीवा में छोटा या मझोला उद्यम शुरू करने की तैयारी में हैं, उनके लिए इस सम्मेलन की दो काम की बातें हैं – औद्योगिक केंद्रों में भूखंड के लिए अब ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, और घूमा में दर 20 से 22 रुपए वर्गफिट बताई गई है। नीतियों और भूमि आवंटन नियमों का ब्योरा जिला उद्योग कार्यालय से लिया जा सकता है।