सीधी बुवाई में अलग नर्सरी नहीं बनती, पर धान जैसी जंगली घास को पहचानना कठिन हो सकता है। 14 जुलाई को डुंगरिया में इसी पर खेत दिवस हुआ।
ICAR के जबलपुर और कटक संस्थानों ने खरपतवारनाशी-सहिष्णु CR 807 किस्म का प्रदर्शन देखा। किसानों से जंगली धान की पहचान और समेकित प्रबंधन पर बात हुई।
वैज्ञानिकों ने संभावित अल नीनो की स्थिति को देखते हुए फसल और पानी के प्रबंधन पर भी चर्चा की।
आयोजन में डुंगरिया और आसपास के करीब 70 किसान शामिल हुए। टीम ने गांव में जनजातीय उपयोजना के तहत चल रहे काम भी देखे।
मुख्य बातें
- खेत दिवस 14 जुलाई को डुंगरिया में हुआ।
- CR 807 किस्म का खेत में प्रदर्शन किया गया।
- किसानों से फसल और पानी प्रबंधन पर सीधी बातचीत हुई।
स्रोत और संदर्भ
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद · Field Day on Weedy Rice Management under DSR Organized at Dungariya ↗14 जुलाई 2026
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद · Visit and Monitoring of activities under TSP programme at Dugariya village of Mandla District ↗18 सितंबर 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



